subhashit
Tuesday, August 18, 2026
सुभाषित (संत नामदेव के अभंग)
परद्रव्य परनारीचा अभिलाष ।
तेथुनिया र्हास सर्व भाग्याचा ॥
अर्थ : संत नामदेव जी कहते हैं कि दूसरों के धन और दूसरे की स्त्री की इच्छा करना मनुष्य के पतन का कारण बनता है। ऐसे आचरण से व्यक्ति के सभी सौभाग्य और सम्मान का नाश हो जाता है।
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