subhashit
Thursday, May 7, 2026
अभिवादनशीलस्य
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम्॥
अर्थ :अभिवादनशील (नम्रता से प्रणाम करने वाला) और सदा बड़ों की सेवा करने वाले व्यक्ति की आयु, विद्या, यश और बल — ये चारों बढ़ते हैं।
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)