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Thursday, May 7, 2026
अभिवादनशीलस्य
अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम्॥
अर्थ :अभिवादनशील (नम्रता से प्रणाम करने वाला) और सदा बड़ों की सेवा करने वाले व्यक्ति की आयु, विद्या, यश और बल — ये चारों बढ़ते हैं।
Monday, March 30, 2026
विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्।
पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम्॥
अर्थ : विद्या (ज्ञान) से मनुष्य में विनम्रता (नम्रता) आती है। विनम्रता से वह योग्य (पात्र) बनता है। योग्यता से उसे धन (संसाधन/समृद्धि) प्राप्त होती है। धन से वह धर्म (अच्छे कर्म) करता है और अंत में, धर्म से उसे सुख (खुशी और शांति) मिलती है।
Saturday, March 7, 2026
Monday, February 2, 2026
Wednesday, April 30, 2025
Thursday, August 20, 2020
Wednesday, August 12, 2020
सुखार्थी त्यजते विद्यां विद्यार्थी त्यजते सुखम्
सुखार्थिनः कुतो विद्या कुतो विद्यार्थीनः सुखम्
सुखार्थिनः कुतो विद्या कुतो विद्यार्थीनः सुखम्
अर्थ : जो व्यक्ति सुख के पीछे भागेगा उसे ज्ञान नहीं मिलेगा। जिसे ज्ञान प्राप्त करना है , उसे सुख का त्याग करना पड़ेगा। सुख के पीछे भागने वाले को विद्या कैसे प्राप्त होगी तथा जिस को विद्या प्राप्त करनी है उसे सुख कैसे मिलेगा ?
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