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Tuesday, June 9, 2026

 

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥

अर्थ : कबीर दास जी कहते हैं कि जब मैं दूसरों में बुराई ढूंढने निकला, तो मुझे कोई बुरा व्यक्ति नहीं मिला। लेकिन जब मैंने अपने ही मन को गहराई से देखा, तो मुझे एहसास हुआ कि सबसे ज्यादा कमियाँ और बुराई मेरे अंदर ही हैं।