Wednesday, August 5, 2020

न भिषे कोन संस्कारो ,  सिंहस्य  क्रियते वनेहि 
विक्रमार्जित  राजस्य स्वमेव मृगेन्द्रता  

अर्थ :  शेर को कोई यह संस्कार नहीं देता , यह बताता नहीं  कि  वह जंगल का राजा है लेकिन वह अपने पराक्रम और ताकत के बल पर स्वयं ही जंगल का राजा बन गया है।  

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