Wednesday, August 5, 2020

अन्नदानं  परं  दानं , विद्यादानं  अतः  परं  
अन्नेन  क्षणिका तृप्ति , यावज्जीवं  च  विद्या   

अर्थ : किसी भूखे को खाना देना महान  दान है।  विद्या का दान देना उससे भी महान  दान है क्योंकि खाना (अन्न) देने से कुछ समय तक किसी की भूख को शांत किया जा सकता है, पर विद्या का दान देने से उसके पूरे जीवन को ही तृप्त किया जा सकता है।  

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