subhashit
Wednesday, August 5, 2020
तैलाद्रक्षेत , जलाद्रक्षेत रक्षेत् शीथिल् बन्धनात्
मूर्खहस्ते न दातव्यम एवं वदति पुस्तकम्
अर्थ : पुस्तक कहता है कि मेरी तेल से रक्षा करो। पानी से रक्षा करो। मेरा बंधन शिथिल न होने दो और मुर्ख के हाथो में मुझे मत दो।
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