subhashit
Wednesday, August 5, 2020
चिन्तनीया हि विपदा आदावेव प्रतिक्रिया
न कूपखननं युक्तं प्रदीप्ते वान्हिना गृहे
अर्थ : जब घर में आग लगी हो , तब कुआँ खोदना व्यर्थ है। हमें हमेशा सक्रिय रहना चाहिए यानि हमें हर विपदा आने से पहले ही पूर्व तैयारी रखनी चाहिए, जिससे नुक्सान ना हो। यदि हो तो कम से कम हो।
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